2025
भाग – १,अंक -१, मार्च २०२५

चमेली की खेती के लाभ किसानो के लिए आर्थिक संभावनाएं
पूर्णिमा सिंह सिकरवार, सहायक प्राध्यापक
(उद्यान विभाग),(शुआट्स) प्रयागराज (यू0 पी0)
सटीक कृषि के लिए ड्रोन
मंजीत-भा. कृ. अनु. प., प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालयए,राजगुरू नगर.पुणे
गेंहू के गुलाबी तना छेदक (सिसेमिया इन्फेरेंस, नॉक्टुडी, लेपिडोप्टेरा)कीट का समेकित प्रबंधन किसान भाई कैसे करें
निशा चढ़ार -एम.एससी.(बॉटनी), महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, शासकीय स्नातकोत्तर उत्कृष्ट महाविद्यालय.टीकमगढ़, मध्य प्रदेश, भारत
अमरूद की अतिसघन खेती/ मीडो बागवानी
अशोक कुमार एवं अन्य-उद्यानिकी विभाग,हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय,श्रीनगर,उत्तराखंड
शुष्क क्षेत्रों में लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए लाभप्रद व्यवसाय – कमलम उत्पादन
सौरभ सिंह- फल विज्ञान विभाग, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या.
उत्तराखंड में वन उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था का संवर्धन
नरेश सिंह और अतुल कुमार-वानिकी महाविद्यालयए रानी चौरी टिहरी गढ़वालए उत्तराखंड
पर्णपाती फलदार पेड़ों में कटाई छटाई: उद्देश्य, सिद्धांत एवं लाभ
धर्मपाल-उप उष्ण कटिबंधीय फल केंद्र लाडवा कुरुक्षेत्र ,इंडो.इजराइल परियोजनाएं उद्यान विभागए हरियाणा.
सरसों: भारत की एक महत्वपूर्ण तिलहनी फसल
पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा एवं आदर्श डंगवाल-कृषि विज्ञान विभाग, जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर
संरक्षण कृषि: भूमि स्वास्थ्य और सुरक्षा की दिशा में एक नई पहल
उमेश कुमार-मृदा विज्ञान विभाग, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ, ( उ.प्र.).
नैनो कीटनाशकः आधुनिक कृषि की नई दिशा
संजीव कुमार-बिहार कृषि विश्वविद्यालय,सबौर, भागलपुर, बिहार